Sunday, September 22, 2019

पुकार /pukar song



                               ↜पुकार↝





करती वसुंधरा यह पुकार, वीर- सपूतों को ललकार
उठा लो शमशीरे- तलवार, ना हो देश पर वार |
गूंज उठे आसमान में, तलवारों की झनकार,
रख लो हाथों में, वीरों तुम अंगार
करती वसुंधरा यह पुकार वीर- सपूतों को ललकार||

यह परीक्षा है साहस की,
आज है जरूरत -देश से चाहत की|
कसम है तुम्हें, भारत मां के लाल,
आज दिखा दो तुम, अपना रूप विकराल
करती वसुंधरा यह पुकार वीर सपूतों को ललकार||

कर दो सुनहरे सपने साकार धर लो अपना वृहद आकार,
यह समय नहीं पीठ दिखाने का,
यह वक्त है होश में होश में आने का|
छोड़ो आपस में तकरार कर लो बंधुओं इकरार
करती वसुंधरा यह पुकार वीर सपूतों को ललकार||

ना हो धरती मां शर्मसार, कायरता है ना गवार
होगा निर्णय आर या पार |
भर लो विजय घोष हुंकार, देख के शत्रु हो “हाहाकार,”
चारों ओर देश प्रेम का हो संसार
करती वसुंधरा पुकार, वीर- सपूतों को ललकार पुकार||



Images for patriotic poem in hindi
पुकार














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   ⇑जितेंद्र राठौर⇑


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