Sunday, September 15, 2019

चलना तेरा काम


                           


                                           ⇯चलना तेरा काम⇮🏃



चलना तेरा काम, चलना तेरा काम

घूंट विष के हे नही, हे मधुर यह जाम

जो डिगा कर्तव्य पथ से, वो हर पल नाकाम

चलना तेरा काम ,चलना तेरा काम||



जीवन हे एक विपरीत नदी

मत बह धारा में कभी

चीर दे धारा को, पार कर इसे, इसमें तेरी शान

चलना तेरा काम ,चलना तेरा काम ||



मिलगे राह में फूल और कांटे,

क्या पत्थर, क्या नदिया,क्या मैदान |

नही मिलता कुछ आसान, मत बन तू नादान

चलना तेरा काम ,चलना तेरा काम ||



खड़ा हिमालय सा संसार , न हो बंदे तू लाचार

चल उठ ,रख ले लहू का मान

जगा आग सीने में ,धरले रूप महान

चलना तेरा काम ,चलना तेरा काम ||



मत घबरा तकलीफो से, मिले जो धोखा वाकिफ़ो से

हस कर इनको ,ले तू थाम |

चल दे ,क्या सुबह क्या -शाम

चलना तेरा काम, चलना तेरा काम ||






⤭जितेंद्र राठौर⤪




# वाकिफ़    - सगे सम्बन्धी, घूंट-   घूंट, चुसकी , विष- जहर , जाम -पान-पात्र, प्याला







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16 comments:

  1. Please continue writing. somedays you will become an inspiration for somebodys..

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  2. Bhai Mera likhta bhi dil se hi h.....

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  3. Bhai Mera likhta bhi dil se hi h.....

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    1. मैं सिर्फ कोशिश कर रहा हूं, सर

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  4. Chalna tera kam , chalte rehna sita ram 🙏

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  5. Keep it up master jitendra one day you will get success in what you want

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  6. your poems is your inner thoughts I wish its reflects and guide a new generations......all the best!!!

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  7. Excellent composition of words brother. Continue doing the same. Our support is always wid you. We would like to see many more poems from you.

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  8. It's really nice! Keep it up ��

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  9. Supr bhai keep it up ����

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  10. बहुत बढ़िया लिखा भाइ👏🏻👏🏻👏🏻

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