Friday, September 13, 2019

आवाहन-देशभक्ति कविताएँ




                    आवाहन⇶


    दिखलादो माँ के लाडलो ये देश हमे भी प्यारा है, 
    लड़ना हे हमे देश की खातिर ये कर्तव्य हमारा है| 
    जमी धुल अंगारो पर तो क्या, आग अभी भी बाकि है , 
    भारत माता के वीरों में जान अभी भी बाकि है||



   दिखलादो माँ के लाडलो ये देश हमे भी प्यारा है,
   जगाओ अपने पौरुष को , यह अवसर तुम्हारा हें|
   याद करो उन वीरों को, जो फांसी पर झूल गये ,
   यह न सोचे वें कहि की ,क्या हम उनको भूलगए?
   मिटा दो आज शत्रु को जिसने तुम्हे ललकारा हैं| 
   दिखलादो माँ के लाडलो ये देश हमे भी प्यारा है,



गूंज उठे हिमालय में,सुने वह भी ,आज भारत का लाल दहाडा हैं 
जब हम मिलकर लड़ें ,देश के खातिर-क्या अद्भुत वो नज़ारा हैं!            
चारों ओर बहे देश प्रेम की नदियां,यह संकल्प हमारा हें|
दिखलादो माँ के लाडलो ये देश हमे भी प्यारा है||




Other Post-


बचपन

पुकार

देश प्रेम की कविताएँ, देशभक्ति कविताएँ,

देशभक्ति पर सर्वश्रेष्ठ कविताएँ,  Patriotic Poems
Hindi Motivational Poems,Desh Bhakti Ki kavitaye



                             

hindi Kavita| आवाहन [avahan] आह्वान (कविता) ।। आह्वान                                


Jitendra Rathore



12 comments:

दीपदान ( "आओ फिर दीपक जलाएं" )

                   🪔  दीपदान🪔                        "आओ फिर दीपक जलाएं" आओ फिर ; दीपक जलाएं , घने ...